Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
यूं तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में (नवजात हो या बड़े) उलà¥à¤Ÿà¥€ को सामानà¥à¤¯ माना जाता है, लेकिन यदि à¤à¤¸à¤¾ बार-बार होता है तो धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की जरूरत है। आमतौर पर जब बचà¥à¤šà¥‡ के पेट में गड़बड़ होती है या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खा लेने पर उलà¥à¤Ÿà¥€ होती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पीने के बाद पेट हलà¥à¤•ा-सा à¤à¥€ दब जाठतो उलà¥à¤Ÿà¥€ हो जाती है। इन सामानà¥à¤¯ हालात को छोड़ दें तो कई बार पेट के संकà¥à¤°à¤®à¤£ या फूड पॉयजनिंग के कारण à¤à¥€ उलà¥à¤Ÿà¥€ होती है। बार-बार की उलà¥à¤Ÿà¥€ का सबसे बड़ा खतरा होता है शरीर में पानी की कमी। से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤®à¥à¤¸ के डॉ. केà¤à¤® नाधीर के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कई बार खांसते समय और फेंफड़ों से बलगम निकालते समय उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसे लकà¥à¤·à¤£ महसूस होते हैं, लेकिन यह उलà¥à¤Ÿà¥€ नहीं होती, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उलà¥à¤Ÿà¥€ सिरà¥à¤« पेट से आती है। यूं तो यह समसà¥à¤¯à¤¾ अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मेडिकल उपचार की जरूरत पड़ सकती है। कई बार दवाओं के कारण à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ होता है। बेहोश करने वाली सामानà¥à¤¯ दवाà¤à¤‚ उलà¥à¤Ÿà¥€ का कारण बनती हैं।
बार-बार की उलà¥à¤Ÿà¥€ से डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ के जो लकà¥à¤·à¤£ सामने आते हैं, उनमें शामिल हैं-चिड़चिड़ाहट, थकान, रोने पर कम आंसà¥à¤“ं का निकलना, आंखों का धंस जाना, तà¥à¤µà¤šà¤¾ का ठंडा पड़ना, सामानà¥à¤¯ से कम पेशाब करना, पहले पीले रंग का पेशाब आना, सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€, बाहर खेलने का मन नहीं करना। यदि ये लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दे रहे हैं तो ततà¥à¤•ाल डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब दिखाà¤à¤‚
नवजात बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दो से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार की उलà¥à¤Ÿà¥€ के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤ यदि बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ के साथ तेज बà¥à¤–ार, सिर दरà¥à¤¦, पेट दरà¥à¤¦, गरà¥à¤¦à¤¨ में अकड़न है और सिर चकरा रहा है तो ततà¥à¤•ाल इलाज की जरूरत है। इसी तरह उलà¥à¤Ÿà¥€ के साथ खून या बिना पचा à¤à¥‹à¤œà¤¨ निकले तो à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• कर लेना ठीक रहता है। लगातार उलà¥à¤Ÿà¥€ हो रही है, शरीर सà¥à¤¸à¥à¤¤ पड़ गया है तो à¤à¥€ ततà¥à¤•ाल इलाज शà¥à¤°à¥‚ करें।
उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने के लिठथोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में खिलाà¤à¤‚। अदरक का सूप या फà¥à¤°à¥‚ट जूस से उलà¥à¤Ÿà¥€ पर काबू पाया जा सकता है। हाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ वाली चीजें जैसे - पनीर, सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम खिलाà¤à¤‚।
| --------------------------- | --------------------------- |